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Saturday, December 5, 2020
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संतरे की खेती की उन्नत खेती Advanced Orange Farming

संतरे की खेती की उन्नत खेती Advanced Orange Farming देश में बड़े पैमाने में की जाती है । संतरा एक नींबू वर्गीय फल है । भारत में संतरा और माल्टा की खेती व्यवसाय के लिए उगाई जाती है| नींबूवर्गीय फलों में से 50 प्रतिशत संतरे की खेती की जाती है| भारत में,फलों की पैदावार में केले और आम के बाद माल्टा का तीसरा स्थान है|जो भारत में उगाई जाती है| भारत में, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश संतरा उगाने वाले यह प्रमुख राज्य माने जाते है । देश के केंद्रीय और पश्चिमी भागों में संतरे की खेती का विस्तार दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है|

संतरे की खेती की उन्नत खेती Advanced Orange Farming
संतरे की खेती की उन्नत खेती Advanced Orange Farming

भूमि की जानकारी व भूमि चयन

Bhumi Jankari and Soil Selection
कार्बनिक व जीवाश्म गुणों से समृद्ध सामान्य हल्की दोमट मिट्टी संतरे की खेती (Orange Farming) के लिए सर्वोत्तम मानी जातीहै । भूमि का पीएच मान 6.0 से 8.0 हो तथा अच्छे जल निकास वाली हो । इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए । गहरी मिट्टी में भी संतरे के पौधों का बढ़िया विकास होता है ।

जलवायु व तापमान

Climate and temperature
संतरे की बागवानी के लिए अधिकतम 16 से 20 व अधिकतम 32 से 40 डिग्री तापमान की जरूरत होती है । सामान्य जलवायु में संतरे के पौधे में वानस्पतिक वृद्धि होती है । कम तापमान व ठंड/ पाले से संतरे की खेती (Orange Farming) को बड़ी हानी होती है।

संतरे की बागवानी लगाने का समय

Time to plant orange gardening
इसका रोपण बसंत ऋतु फरवरी से मार्च और मानसून के मौसम में अगस्त से अक्तूबर में किया जाता है ।

संतरे की पौध हेतु नर्सरी तैयार करना –

Nursery preparation for orange plantation
संतरे की खेती (Orange Farming) के लिए संतरे के पौधे नर्सरी में तैयार किये जाते हैं । बीजों को नर्सरी में 2 मीटर x 1 मीटर आकार के सीड बेड पर बोयें । जिसमें Row to Row (कतार से कतार) 15 सेंटीमीटर का फासला रखें । जब पौधों की ऊँचाई 10 से 12 सेंटीमीटर हो जाये ।
अनार की उन्नत बागवानी की तकनीक (Pomegranate Gardening)
बागवानी हेतु पहले से तैयार गड्ढों रोपाई करें । एक बात का ख्याल रखें कि रोपाई के लिए सेहतमंद और समान आकार के पौधे ही हों । छोटे और कमज़ोर पौधों को पहले ही निकाल दें । आवश्यक लगे तो पड़े तो रोपाई से पहले जड़ों की छंटाई कर लें व जड़ों को उपचारित कर लें ।

संतरे की बागवानी में पौधे रोपण की विधि –

Method of planting plants in orange gardening
संतरे के पौधों की रोपाई हेतु 60 × 60 × 60 सैंटीमीटर आकार के गड्ढे तैयार करें । मानसून अथवा बसन्त ऋतु में पौधों का रोपण कर दें । एक हेक्टयर में लगभग 300 से 350 पौधे होने चाहिए । यही कम स्थान घेरने वाली किस्म है तो आप पौधों की संख्या बढा भी सकते हैं ।मीठे संतरों के लिए 5 x 5 मीटर अन्तर रखें । इसके लिए 1 x 1 x 1 मीटर गड्ढे खोदे और 15 से 20 दिन तक धूप में छोड़ने के बाद रोपाई करें ।

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