मोती की खेती ( moti ki kheti ) से 1 लाख रुपये हर माह कमाएँ

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किसान साथियों आज kheti kisani आपके लिए ऐसा सीक्रेट लेकर आया है जिसे पढ़कर व अमल में लाकर आप हो सकते हैं मालामाल। आप सबके मन में कभी न कभी ये ख़याल ज़रूर आया होगा कि काश! हम इन्वेस्टमेंट थोड़ा करें और कमाई लाखों में हो जाए । तो आपका ये सोचना बिलकुल सही है, जी हाँ !

मोती की खेती ( moti ki kheti ) से 1 लाख रुपये हर माह कमाएँ

यदि आप छोटे से इन्‍वेस्‍टमेंट से लाखों कमाना चाहते हैं तो आपके लिए मोती की खेती(moti ki kheti ) एक बेहतरीन विकल्‍प हो सकती है। किसान साथियों क्या आपको पता है मोती की मांग इन दिनों घरेलू और अंतर्राष्‍ट्रीय मार्केट में बहुत बढ़ी है। जिसके कारण मोती के लिए अच्‍छे दाम भी मिल रहे हैं। बाजार में एक मोती की कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है। इस तरह घरेलू बाज़ार में हम अगर एक मोती की औसत कीमत आप 800 रुपए भी मानते हैं तो इस अवधि में 80,000 रुपए तक कमा सकते हैं।

वहीं अच्छी गुणवत्ता और डिजाइनर मोती ( pearl jewellery )की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है। मज़े की बात यह है आप मोती की खेती (moti ki kheti) महज 2 लाख रुपए के इंन्‍वेस्‍ट से इससे करीब डेढ़ साल में 20 लाख रुपए यानी हर महीने 1 लाख रुपए  से अधिक की कमाई कर सकते हैं।

किसान भाइयों मोती का व्यापार पूरी दुनिया में करीब 20100 करोड़ रुपए का है। हमारे देश में हर साल करीब 50 करोड़ रुपए से अधिक के मोती आयात (import) किए जाते हैं । देश में बड़ी मात्रा में मोती पैदा किए जाते हैं फिर भी इसे इंपोर्ट भी किया जाता है। वहीं निर्यात (export) की बात करें तो 100 करोड़ रुपए से अधिक रुपए के मोती देश से बाहर विदेश भेंजे जाते हैं। मज़े की बात यह है कि हमारे यहाँ से डिजाईनर मोतियों का ज्‍यादा निर्यात (export) होता है । इसलिए मोती की खेती को आप अपना व्यवसाय बना सकते है।

मोती की खेती ( moti ki kheti ) से 1 लाख रुपये हर माह कमाएँ

मोती की खेती (moti ki kheti) की सफलता के मूलमंत्र –

  • किसान भाइयों मोती की खेती (moti ki kheti) भी उसी प्रकार से की जाती है, जिस तरह मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है। सीप से ही मोती यहाँ पर भी बनाना है।
  • किसान भाइयों मोती की खेती (moti ki kheti) छोटे स्‍तर पर भी शुरू की जा सकती है। इसके लिए आपको कम से कम 500 वर्गफीट का तालाब बनाना होगा।
  • तालाब में आप 100 सीप पालकर मोती उत्‍पादन शुरू कर सकते हैं। प्रत्‍येक सीप की बाजार में कीमत 15 से 25 रुपए होती है।
  • दोस्तों मोती की खेती (moti ki kheti) के स्‍ट्रक्‍चर सेट-अप पर खर्च होंगे 10 से 12 हजार रुपए, वाटर ट्रीटमेंट पर 1000 रुपए और 1000 रुपए के आपको इंस्‍ट्रयूमेंट्स खरीदने होंगे।
  • इसके लिए अपने संसाधनों के आधार पर सीप की संख्या बढाकर शुरुआत कर सकते हैं ।
  • यदि आप 2000 सीप पालते हैं,तो इस पर खर्च करीब 200,000 रुपए आएगा।

मोती की खेती हेतु प्रशिक्षण की जानकारी –

हमारे देश में मोती की खेती (moti ki kheti) देश में काफ़ी समय से की जाती रही है पिछले करीब 40 साल पहले यह बिल्‍कुल न के बराबर हो गई थी। मोती की खेती की तकनीक को पुनर्जीवित करने हेतु भारत सरकार (government of india) प्रोत्साहन स्वरूप प्रशिक्षण,व सेट अप लगाने व सीप ख़रीदने हेतु ऋण दे रही है। इसके लिए नाबार्ड और अन्‍य कमर्शियल बैंक आपको 15 सालों के लिए सिंपल इंटरेस्‍ट पर लोन उपलब्‍ध कराते हैं। केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा सब्सिडी योजनाएँ भी चलायी जाती हैं।

बशर्ते आप मोती की खेती के लिए प्रशिक्षित हों । इंडियन काउंसिल फॉर एग्रीकल्‍चर रिसर्च (Indian council for agriculture research) के तहत एक नए विंग सीफा यानि सेंट्रल इंस्‍टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्‍वाकल्‍चर  (CIFWA – central institute of fresh water aquaculture ) इसका मुख्‍यालय भुवनेश्‍वर में है । मोती की खेती (moti ki kheti) के लिए नि: शुल्‍क ट्रेनिंग कराती है। 15 दिनों की ट्रेनिंग में सर्जरी समेत सभी कुछ सिखाया जाता है। इसकी खेती फले समुद्र तटीय क्षेत्रों में ही की जाती थी लेकिन CIFWA (सीफा) के प्रयोगों के बाद अन्‍य दूसरे राज्‍य भी मोती खेती के लिए आगे आ रहे हैं।

सीप की सर्जरी – मोती की खेती हेतु बीज डालने की तैयारी

मोती की खेती का व्यवसाय करने लिए सबसे पहले आपको कुशल वैज्ञानिकों से प्रशिक्षण की आवश्‍यकता होती है । जिसे भारत सरकार के द्वारा कराया जाता है। प्रशिक्षित होने के बाद सरकारी संस्‍थानों या स्थानीय उपलब्धता के आधार पर मछुआरों से सीप खरीदने होंगे। इन सीपों को दो दिन के लिए खुले पानी में छोड़ा जाता है। ऐसा करने से सीप के ऊपर का कवच और मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं।

मांसपेशियां ढीली होने के बाद सीपों की सर्जरी कर उनकी सतह पर 2 से 3 mm. का छेद करके उसमें रेत का एक छोटा कण डाला जाता है। रेत का यह कण सीप को जब चुभता है, तो सीप उस कंकड़ पर अपने अंदर से निकलने वाला पदार्थ छोड़ना शुरू कर देता है। इन सीपों को नायलॉन के बैग में रखकर तालाब में बांस या पीवीसी के पाईप के सहारे छोड़ दिया जाता है। एक बैग में 2 से 3 सीप को रखते हैं। लगभग 450 – 600 दिनों में सीप में मोती तैयार हो जाता है । आप सीप का कवच तोड़कर मोती (pearl) निकाल लें।

डिजाईनर मोती (pearl) की – देश विदेश में है सबसे महँगा

किसान भाइयों (indian farmer) मोती सामान्यत: गोल होता है । मोती की खेती (moti ki kheti) के जरिए आप मोती को डिजाइन में भी बना सकते हैं जिसकी कीमत बाज़ार में ज्‍यादा मिलती है। आगर आप सीप के अंदर किसी भी आकृति जैसे भगवान बुद्ध,शिव, गणेश, ईसा, क्रॉस, फूल, आदि का फ्रेम डाल देते हैं । तो मोती बनने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ये आकृतियाँ मोती यही रूप ले लेती है। अंतराष्ट्रीय बाज़ार में इस प्रकार के मोतियों की बहुत अधिक मांग है । और यह साधारण मोती (pearl) से कई गुना अधिक कीमत पर बिकते हैं। एक मोती की कीमत 2000 रुपए से 15000 रुपए तक हो सकती है, बस उसकी क्‍वालिटी अच्‍छी हो। pearl necklace,

मोतियों का बाज़ार – तैयार मोती कहाँ  बेचें ?

किसान भाइयों फ़सलों की खेती में फ़सल तैयार होने के बाद उत्‍पाद को सही दाम पर बेचना, बहुत बड़ी बात मानी जाती है।  जबकि मोतियों के बारे में ऐसा बिल्‍कुल नहीं है। मोती के व्यापार के लिए घरेलू व अंतराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा बाज़ार है। अपने देश में ही हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं। साथ ही कई बड़ी कं‍पनियों के एजेंट देशभर में फैले होते हैं जो मोती उत्‍पादकों के संपर्क में आ जाते हैं।

इंडियन पर्ल कंपनी देश की सबसे बड़ी मोती व्‍यापार करने और प्राइवेट तौर पर ट्रेनिंग देने वाली कंपनी है। इस कंपनी से भी प्रशिक्षण ले सकते हो और तैयार की गयी मोती को यहाँ पर बेंच सकते हो। अब तो ऑनलाइन का जमाना है,आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं।

flipkart, amazon, ebay, shopclues, सहित बहुत की ऑनलाइन शॉप हैं ।जहाँ पर affiliate marketing द्वारा आप अपने मोती बेंच सकते हैं।

facebook और whatsapp व twitter Instagram जैसी social network sites के माध्यम से मोती विक्रय हेतु कैंपेन चलाकर ऑनलाइन कस्टमर पा सकते हैं।

किसान भाइयों (indian farmers) आशा है मोती की खेती (moti ki kheti) से सम्बंधित यह लेख आपको अवश्य पसंद आया होगा । इस लेख को आप ज़्यादा से अपने दोस्तों रिश्तेदारों में अवश्य share करें ।

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