हाइड्रोपोनिक्स क्या है ? What is hydroponics बिना मिट्टी के सब्ज़ियाँ व फलों को उगाकर लाखों कमाने की तकनीक

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दोस्तों नमस्कार कैसे हैं आप। आपने green india का slogan तो सुना होगा, आपके मन में भी अपने हाथ से एक पौधा पौधा लगाकर धरती को हरी भरी बनाने का मन किया होगा। लेकिन ये क्या हमारे पास तो ज़मीन ही नही है फिर पौधे लगाए कहाँ ?

हाइड्रोपोनिक्स क्या है? What is hydroponics बिना मिट्टी के सब्ज़ियाँ व फलों को उगाकर लाखों कमाने की तकनीक के बारे में आपने कभी सुना है?

आज खेती किसानी डॉट ओर्ग इसी विषय पर आपको जानकारी देने जा रहा है । हाइड्रोपोनिक्स बिना मिट्टी के पौधे उगाने की तकनीक के बारे में विस्तार के जानकारी दी जाएगी । बिना मिट्टी के खेती की अनोखी तकनीक है हाइड्रोपोनिक।

हाइड्रोपोनिक्स क्या है? What is hydroponics बिना मिट्टी के सब्ज़ियाँ व फलों को उगाकर लाखों कमाने की तकनीक जाने

हाइड्रोपोनिक्स क्या है ? What is hydroponics बिना मिट्टी के सब्ज़ियाँ व फलों को उगाकर लाखों कमाने की तकनीक
हाइड्रोपोनिक्स क्या है ? What is hydroponics बिना मिट्टी के सब्ज़ियाँ व फलों को उगाकर लाखों कमाने की तकनीक

इस हाइड्रोपोनिक तकनीक से आप बिना मिट्टी के टमाटर की खेती सहित तमाम अन्य सब्ज़ियाँ व फल उगा सकते हैं। हाइड्रोपोनिक्स प्रौद्यौगिकी से बिना मिट्टी के सब्ज़ियाँ उगाकर परिवार के लिए ताज़ी सब्ज़ियों की व्यवस्था कर सकते हैं। मिट्टी के बिना बाग़वानी करके ताज़े फल उपलब्ध करा सकते हैं। बिना मिट्टी के आपका किचन गार्डन लगाने का सपना तो पूरा होगा ही। इसके साथ आप बिना मिट्टी के सब्ज़ियाँ व फलों को उगाकर घर बैठे लाखों रुपए कमा सकते हैं।

पढ़ाई लिखाई करके बीएड बीटीसी, टेट सुपर टेट पास कर शिक्षक भर्ती की आस में प्रदेश का क़रीब 15 लाख से अधिक युवा बेरोज़गार बैठा है। ये सिर्फ़ उत्तरप्रदेश भर की बेरोज़गारों की एक बानगी मात्र है। उनके पास अपना कोई काम नही है।  ऐसे मित्र हाइड्रोपोनिक्स तकनीक को अपनाकर मिट्टी के बिना सब्ज़ियाँ व फल तथा पौधे उगाकर अपने लिए रोज़गार के अवसर पैदा कर सकते हैं।

साथियों शहरीकरण व बढ़ती जनसंख्या के कारण पौधे लगाने के लिए ज़मीन कम हो रही है। ऐसे में हाइड्रोपोनिक्स बिना ज़मीन के पौधे उगाने की विधि किसी वरदान से कम नही है। इस विषय पर आपको पूरी जानकारी दी जाएगी । इसलिए पूरे आलेख को बिना skip किए ज़रूर पढ़ें ।

अनुक्रम (agenda ) –

  • हाइड्रोपोनिक्स क्या है?
  • हाइड्रोपोनिक्स शब्द की उत्तपत्ति कैसे हुई?
  • हाइड्रोपोनिक्स तकनीक क्या है ? what is hydroponics techniques
  • हाइड्रोपोनिक खेती के लिए कितने तापमान व आर्दता की की ज़रूरत होती है ?
  • हाइड्रोपोनिक खेती के लिए उर्वरक घर पर बनाने की विधि
  • हाइड्रोपोनिक्स खेती से क्या लाभ हैं?
  • हाइड्रोपोनिक्स खेती में आने वाली समस्याएँ
  • हाइड्रोपोनिक्स क्या है? What is hydroponics?
  • हाइड्रोपोनिक्स खेती के लिए ट्रेनिंग सेंटर कहाँ हैं?

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हाइड्रोपोनिक्स क्या है? what is hydroponics

बिना मिट्टी के पौधे उगाने की तकनीक है हाइड्रोपोनिक्स । हाइड्रोपोनिक की मदद से हम बिना मिट्टी के घर की छत पर सब्ज़ियाँ, फल व पौधे बड़ी आसानी से उगा सकते हैं। इस तकनीक में सिर्फ़ बालू या कंकड़, पानी से एक नियंत्रित जलवायु में पौधे उगाये जाते हैं। मिट्टी के बिना खेती पश्चिमी देशों में काफ़ी समय से की जा रही है।

हाइड्रोपोनिक्स शब्द की उत्तपत्ति कैसे हुई?

हाइड्रोपोनिक्स शब्द की ग्रीक भाषा के दो शब्द – hydro (पानी) और ponic (कार्य) से बना है।

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक क्या है ? what is hydroponics techniques

हम जानते हैं पौधे के वृद्धि व विकास के लिए नमी, उचित तापमान, व पोषक तत्व व खनिज तत्वों की आवश्यकता होती है। जिसे पौधे अपनी जड़ों के द्वारा ज़मीन से अवशोषित करते हैं। हाइड्रोपोनिक्स तकनीक इसी अवधारणा पर केंद्रित है। पौधे के विकास व बढ़वार के लिए सभी आवश्यक चीज़ें एक कंट्रोल्ड ईकोसिस्टम के ज़रिए दी जाती है।

हाइड्रोपोनिक खेती के लिए कितने तापमान व आर्दता की की ज़रूरत होती है ?

बताते चलें की हाइड्रोपोनिक तकनीक में पौधों के लिए एक artificial echo system यानी कृत्रिम पारिस्थिकी तंत्र बनाया जाता है। जिसमें एक नियंत्रित temperature व humidity  पौधों को दिया जाता है। हाइड्रोपोनिक्स में पौधों को 15 से 30 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान व 80-85 प्रतिशत humidity यानी नमी दी जाती है।

हाइड्रोपोनिक खेती के लिए उर्वरक घर पर बनाने की विधि-

साथियों को पौधों की बढ़वार व विकास के लिए हाइड्रोपोनिक खेती में पौधे के लिए एक घोल बनाया जाता है। इस घोल में पौधे के के बढ़वार के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्वों को एक निश्चित अनुपात में मिलाया जाता है। इस घोल में नाइट्रोजन (nitrogen) फ़ोस्फोरस (phosphorous) पोटाश(potassium) मैगनीशियम (mg) कैलशियम( ca) सल्फ़र(s)  जिंक (zn) आयरन (fe) निश्चित मात्रा में होते हैं । हाइड्रोपोनिक तकनीक से तैयार हो रहे पौधों में तैयार घोल की एक – दो बूँद हर माह डाली जाती है। इस घोल से पौधों को आवश्यक पोषक तत्व मिल जाता हैं। जिससे उनकी बढ़वार अच्छी होती है।

हाइड्रोपोनिक्स खेती से क्या लाभ हैं?

सबसे पहले तो यह उन किसानों के लिए किसी वरदान से कम नही है जो खेती करना चाहते हैं। या घर की छत पर सब्ज़ियाँ उगाना चाहते हैं । हम इस तकनीक के माध्यम से वर्षों से चली आ रही खेती करने की परंपरा को बदलते हैं। और परम्परागत खेती के मुक़ाबले अधिक लाभ अर्जित करते हैं। आइए जाने हाइड्रोपोनिक्स खेती से होने वाले फ़ायदों के बारे में –

आमतौर मिट्टी में खेती व बाग़वानी की जाती है। इस परम्परागत खेती में अधिक खाद व पानी लगता है। जबकि हाइड्रोपोनिक्स खेती से हम परम्परागत खेती के मुक़ाबले 20 प्रतिशत पानी बचाते हैं। इस तरह हम save water save life में काफ़ी सहयोग करते हैं।

आमतौर पर ख़राब मौसम व सूखे से फ़सलें ख़राब हो जाती हैं । जिससे किसानो को भारी नुक़सान होता है। ये इतना भयंकर  होता है कि किसान आत्महत्या तक कर लेते हैं। जबकि हाइड्रोपोनिक्स तकनीक की खेती एक नियंत्रित जलवायु में की जाती है । जिससे ख़राब मौसम में भी आपको परम्परागत खेती से अधिक पैदावार मिल जाती है। साथ की ख़राब मौसम के कारण उत्पादन कम होने से आपको फ़सल का मूल्य भी अधिक मिलता है।

खेती करने की देशी तकनीक से लागत हर साल लगानी पड़ती है। जबकि बिना मिट्टी के खेती करने की इस विधि में एक शुरुआती लागत तो आती है किंतु एक बार सिस्टम तैयार हो जाए इसके बाद पौध उत्पादन की लागत बहुत कम आती है। यहाँ तक कि 5 से 8 इंच ऊँचाई वाले पौधों के उत्पादन का ख़र्च महज़ एक रुपए या इससे भी कम पड़ता है।

तो हाइड्रोपोनिक्स खेती करना हुआ ना फ़ायदे का सौदा।

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साथियों आज का यह लेख हाइड्रोपोनिक्स क्या है? What is hydroponics बिना मिट्टी के सब्ज़ियाँ व फलों को उगाकर लाखों कमाने की तकनीक कैसा लगा। कमेंट बॉक्स में अपनी राय अवश्य दें। इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर अधिक से अधिक शेयर करें ताकि इस तकनीक का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके।

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